Thursday, December 3, 2015

असली आतंकवादी

रूस की आधी ताक़त अपनी भौगोलिक कठिनाइयों से निबटने में चली जा रही है, विज्ञान उन्नत है लेकिन बहुत सारी ज़रूरी चीज़ों के लिए उसे अपने विज्ञान को मूल तौर पर युद्ध के हथियार के रूप में बेचना पड़ रहा है। दूसरी और अमेरिका है जो अपने नागरिकों को सर्वोत्तम जीवन (जिसकी परिभाषा उसे शायद पता है ही नहीं) देने के चक्कर में पूरी निष्ठा से देशों को लड़वा कर युद्ध के हथियार भी बेच रहा है और बाद में दवाईयाँ भी बेच रहा है। दोनों ताक़तवर देश और उसके सहयोगी देश धन के पीछे पड़े हैं और मोहरे बन रहे हैं तीसरी और चौथी दुनिया के राष्ट्र जिनको कई बार ये पता भी नहीं होता की वो हथियार ख़रीद क्यों रहे हैं। इसलिए अपने मकसद के लिए उन दोनों महाशक्तियों ने ऐसे लोगों को चुना है जिनका कबीलाई इतिहास है और क्रूरता कुछ प्राकृतिक और भौगोलिक कारणों से उनके समाज में स्वीकार्य है। गर्दन काटने वाले इन्सान से ज़्यादा ख़तरनाक वो इन्सान होता है जो पहले आपकी मदद करता है और एवज में आजीवन आपको अपनी गर्दन उनके क़दमों में झुकाये रखने को कहता है।
‪#‎khonchar‬ ‪#‎muftkagyan‬ ‪#‎randomthoughts‬ ‪#‎terrorism‬ ‪#‎terrorist‬‪#‎actualterrorists‬ ‪#‎usa‬ ‪#‎russia‬ ‪#‎arms‬ ‪#‎religion‬ ‪#‎thirdworld‬ ‪#‎fourthworld‬

Friday, November 20, 2015

Random Augastaya!: Random Augastaya_Bihar Election 2015 Outcome

आप किसी की योग्यता पर सवाल कर सकते हैं लेकिन किसी की कुन्डली (Horoscope, जन्मपत्री) पर क्या सवाल कीजियेगा। (राबड़ी चाची, तेजप्रताप, तेजस्वी, मीसा दीदी, रागिनी दीदी एट्सेक्ट्रा एट्सेक्ट्रा। )

जो ये सोचते हैं कि बिहार छोड़ के भाग जाना चाहिए वो ये बात जान लें की शहर, राज्य या देश बदल लेने से उनकी कुन्डली नहीं बदल जायेगी ।

"जब किस्मत में लिखा है रो ले 
कहाँ से  खायेगा  तू  छोले।"

Random Augastaya_Bihar Election 2015 Outcome



आप किसी की योग्यता पर सवाल कर सकते हैं लेकिन किसी की 
कुन्डली (Horoscope, जन्मपत्री) पर क्या सवाल कीजियेगा। 
(राबड़ी चाची, तेजप्रताप, तेजस्वी, मीसा दीदी, रागिनी दीदी एट्सेक्ट्रा 

एट्सेक्ट्रा। )


जो ये सोचते हैं कि बिहार छोड़ के भाग जाना चाहिए वो ये बात जान लें 
की शहर, राज्य या देश बदल लेने से उनकी कुन्डली नहीं बदल जायेगी । 


Friday, October 30, 2015

MODI_FICATION

With time, things get Modified and Modification is a need. But Modi_fying every thing seems weird and irrational. The Socio-political weaving of our country is too diverse and intricate and it needs many other FICATIONS too.